हम अक्सर सोचते हैं कि मधुमक्खियाँ सिर्फ शहद बनाती हैं या उनका काम केवल काटना है। लेकिन कड़वा सच यह…
हम अक्सर सोचते हैं कि मधुमक्खियाँ सिर्फ शहद बनाती हैं या उनका काम केवल काटना है। लेकिन कड़वा सच यह है कि हमारी थाली में आने वाला हर तीसरा निवाला इन्हीं नन्हें परागणकों (pollinators) की कड़ी मेहनत का नतीजा है!
इस वीडियो में, वक्ता ने एक बहुत ही गंभीर सच हमारे सामने रखा है; "मधुमक्खियों को बचाना, असल में हमारे भोजन की सुरक्षा है।"
फल, सब्ज़ियाँ, दालें और यहाँ तक कि हमारे मसाले भी इन नन्हीं मधुमक्खियों और परागण करने वाले कीटों के बिना उग ही नहीं सकते। लेकिन इंसानी लापरवाही, ज़हरीले कीटनाशकों और उजड़ते जंगलों के कारण ये तेज़ी से मर रही हैं।
अगर ये ख़ामोश हो गईं, तो मानव सभ्यता के सामने भूखों मरने की नौबत आ जाएगी। कुदरत का यह सबसे छोटा सिपाही, दरअसल हमारा सबसे बड़ा रक्षक है।
आइये आज ही संकल्प लें: अपने घरों और खेतों में मधुमक्खी - अनुकूल फूल और पौधे लगाएं। रासायनिक कीटनाशकों का इस्तेमाल तुरंत बंद या कम करें । पर्यावरण को बचाने के प्रयासों का हिस्सा बनें।
Location Partner: Tribal Woods Resorts, Kanha
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